शुक्रवार, 18 मार्च 2016

india vs pakistan t20 world cup 2016

Ind vs Pak: ईडन गार्डन में पाक का पलड़ा रहा है भारी, जानें सारे फैक्ट्स 

क्रिकेट को धर्म मानने वाले भारत और पाकिस्तान के दुनियाभर में फैले करोड़ों प्रशंसकों का इंतजार शनिवार को समाप्त हो जाएगा जब ये दोनों टीमें ऐतिहासिक ईडन गार्डन मैदान पर विश्वकप के बहुप्रतीक्षित महामुकाबले के लिए उतरेंगी। भारत और पाकिस्तान किसी भी टूर्नामेंट में जब आमने सामने होते हैं तो यह एक मैच दोनों मुल्कों के लिये किसी खिताबी मुकाबले से भी ज्यादा अहम हो जाता है।



ड्रामे भरा रहा था पाक का भारत आना
भारत की मेजबानी में हो रहे विश्वकप में पाकिस्तानी टीम के हिस्सा लेने से लेकर भारत पहुंचने तक का पूरा सफर ड्रामे से भरा रहा था और अब जब ये चिरप्रतिद्वंद्वी मुकाबले के लिये उतरेंगी तो इनके बीच होने वाली टक्कर और भी रोमांचक होगी। मेजबान और खिताब की प्रबल दावेदार भारतीय टीम का लक्ष्य विश्वकप में पाकिस्तान से कभी न हारने के जबरदस्त रिकार्ड को बरकरार रखना है तो वहीं भारत में भारत को हराने का दबाव पाकिस्तानी टीम पर रहेगा।

फिलहाल कैसी स्थिति में हैं दोनों टीमें
एशिया कप में भारत से करारी शिकस्त झेलने वाली शाहिद आफरीदी की टीम हालांकि टूर्नामेंट में अपना पिछला मैच बंगलादेश से 55 रन से जीतकर आत्मविश्वास से लबरेज दिख रही है तो वहीं कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की टीम शर्मनाक तरीके से न्यूजीलैंड के हाथों पराजय झेलने के बाद कुछ दबाव में है। लेकिन पिछले मैच जैसे भी रहे हों, एक बात तो साफ है कि भारतीय टीम पाकिस्तान के सामने जीत के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। कई मौकों पर देखा गया है कि टूर्नामेंट में भारतीय खिलाडिय़ों ने कितना ही निराश किया हो, लेकिन जब बात चिर प्रतिद्वंद्वी विपक्षियों के खिलाफ खेलने की होती है तो टीम इंडिया की आक्रामकता और जज्बा लाजवाब होता है।

इतिहास गवाह हैः विश्वकप में पाक से नहीं हारा भारत
विश्वकप का यह मैच वर्ष 2007 के खिताबी मुकाबले की भी यादों को तरोताजा कर देगा जब जोहानसबर्ग में भारत ने पाकिस्तान को सांस रोक देने वाले रोमांचक मैच में मात्र पांच रन से हराकर पहली बार T20 विश्वकप का खिताब अपने नाम किया था। वैसे विश्वकप रिकार्ड को देखें तो वनडे और T-20 का इतिहास गवाह है कि भारत इन दोनों मेगा टूर्नामेंटों में कभी पाकिस्तान से नहीं हारा है। भारत और पाकिस्तान के बीच विश्वकप में अब तक कुल दस मुकाबले हुए हैं और भारत का परफेक्ट टेन का रिकॉर्ड है। भारत ने एकदिवसीय विश्वकप में पाकिस्तान से सभी छह मुकाबले जीते हैं, जबकि T-20 में उसने सभी चार मुकाबलों पर कब्जा किया है। हालांकि करियर के आखिरी दौर में पहुंच चुके पाकिस्तानी कप्तान आफरीदी हर हाल में अपने नेतृत्व में टीम के इस शर्मनाक रिकार्ड को तोडऩा चाहेंगे। वैसे इस समय दो बातें पाकिस्तान के सबसे अधिक पक्ष में दिख रही हैं, जिनमें एक तो पाकिस्तान को ओपनिंग मैच में मिली जीत है तो दूसरी ईडन गार्डन मैदान पर उसका बेहतरीन रिकार्ड।

ईडन गार्डन में पाक का पलड़ा रहा है भारी
पहले यह मैच हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में होना था, लेकिन विवादों के बाद इसे कोलकाता कराया जा रहा है जो पाकिस्तानी टीम के लिए उनका सौभाग्यशाली मैदान है। कोलकाता के ईडन गार्डन में सीमित ओवर के प्रारूप में पाकिस्तान का भारत के खिलाफ शत प्रतिशत रिकॉर्ड रहा है। उसने यहां भारत के खिलाफ वर्ष 1987, 1989, 2004 और 2013 में अपने चार मैचों में जीत दर्ज की थी। दूसरी ओर भारत के लिये यह मैदान उतना शुभ नहीं रहा है और यहां उसने अब तक सिर्फ दो T-20 मैच खेले हैं, जिसमें एक हारा है और एक रद्द रहा है।

बल्लेबाजी में हम तो गेंदबाज में पाक है भारी
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भी कहा था कि भारत को पाकिस्तान के ईडन गार्डन पर पिछले रिकार्ड से काफी सावधान रहना होगा। हालांकि विराट कोहली, अजिंक्या रहाणे, रोहित शर्मा, शिखर धवन, युवराज सिंह, सुरेश रैना और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर धोनी की मौजूदगी से टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम को दुनिया का सबसे मजबूत बल्लेबाजी क्रम माना जाता है, लेकिन इस बात को भूला नहीं जा सकता है कि पाकिस्तान के पास कमाल का गेंदबाजी क्रम है और इन खिलाड़ियों में मैच का रूख बदलने की क्षमता है।

धोनी के बल्लेबाजी क्रम पर भी उठे सवाल
हमेशा से ही माना जाता रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैच बल्लेबाजी और गेंदबाजी का मुकाबला होगा। लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ ओपनिंग विश्वकप मैच में केवल 79 रन पर भारत का बल्लेबाजी क्रम जिस तरह से ताश के पत्तों की तरह ढह गया था उसने सभी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कप्तान धोनी भी मानते हैं कि यह मैच बल्लेबाजों की नाकामी से हाथ से निकला था, वहीं टीम का मध्यक्रम भी उनकी सबसे बड़ी चिंता है। ओनिंग क्रम में रोहित, शिखर और विराट की तिकड़ी का प्रदर्शन मैच का रूख तय करती है। लेकिन यदि ये खिलाड़ी फेल हुये तो बाकी का क्रम ध्वस्त हो जाता है। ऐसे में अब सवाल धोनी के भी चौथे नंबर पर खेलने को लेकर भी उठ रहा है। पिछले मैच के बाद तो लगातार धोनी पर दबाव है कि वह चौथे नंबर पर खेलने उतरें।

अकेले विराट से उम्मीदें ना करें
मध्यक्रम में रवींद्र जडेजा और रैना बल्ले से कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ एक और शून्य पर आउट हो गये थे। वर्ष 2009 की चैंपियन पाकिस्तान की खतरनाक गेंदबाजी के सामने एशिया कप में अकेले विराट ही थे जिन्होंने टिककर रन बनाये और अकेले दम पर भारत को मैच जिताया था। ऐसे में फिर से उनसे काफी उम्मीदें बढ़ गई हैं, लेकिन किसी एक खिलाड़ी पर अति निर्भरता से टीम इंडिया को बचना होगा। निचले क्रम में हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन रन बनाने में सक्षम है, लेकिन टीम को अपनी योजनाओं को पूरी तरह से लागू करना होगा।

खतरनाक अफरीदी से बचना होगा
पाकिस्तानी टीम में प्रतिबंध के बाद वापसी कर रहे बायें हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर , कप्तान आफरीदी, इमाद वसीम और सात फुट लंबे मोहम्मद इरफान पर टीम का सबसे अधिक भरोसा है और वे बेहतरीन गेंदबाज हैं। बंगलादेश के खिलाफ मैच में आफरीदी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी कमाल का प्रदर्शन किया था और सबसे तेज अर्धशतक ठोकने का रिकार्ड बनाने वाले आफरीदी अभी भी टीम के सबसे खतरनाक खिलाड़ी हैं। भारत में पाकिस्तान से अधिक प्यार मिलने की बात कहकर भले ही आफरीदी को अपने मुल्क में आलोचना झेलनी पड़ी हो, लेकिन भारत में निश्चित ही उनके ढेरों प्रशंसक हैं और यहां उन्हें समर्थन की कमी शायद महसूस न हो।

धोनी को बुमराह-पांड्या पर रहेगा भरोसा
बल्लेबाजों में पिछली विश्वकप टीम का हिस्सा रहे शोएब मलिक और मोहम्मद हफीज अहम हैं तो पाकिस्तान के विराट कहे जाने वाले अहमद शहजाद,शर्जील खान अहम हैं और बांग्लादेश के खिलाफ भी बल्ले से इन्होंने प्रभावित किया था। हालांकि भारतीय टीम के मजबूत बल्लेबाजी क्रम की तरह ही गेंदबाजी में भी उसके पास जबरदस्त स्पिनर अश्विन, तेज गेंदबाज आशीष नेहरा और युवा मध्यम तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं। नेहरा का पावरप्ले में गेंदबाजी में कमाल का रिकार्ड रहा है तो बुमराह मुश्किल समय पर विकेट दिला सकते हैं। वहीं धोनी के भरोसेमंद पांड्या निरंतर अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं और पाकिस्तान के बल्लेबाजों को पानी पिलाने में सक्षम हैं।

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